स्काउट के बारे में जानकारी

स्काउट के बारे में जानकारी ( What is Scout ? )

Table of Contents

स्काउटिंग / गाइडिंग क्या है ?(What is Scouting & Guiding)

स्काउटिंग/ गाइडिंग नवयुवको / युवतियों के लिये एक स्वम- सेवी, गैर राजनीतिक शैक्षिक आन्दोलन है जो किसी मूल,  जाति, धर्म, वंश के भेदभाव से परे प्रत्येक व्यक्ति के लिये खुला है तथा लार्ड बेडेन पावेल द्वारा 1907 मे निर्धारित उदेश्य सिद्धान्त व  विधियों पर आधारित है |

What is Scouting

जीवन के लिए शिक्षा:- 

स्काउटिंग/गाइडिंग विद्यालय व परिवार को पूरक है तथा उन आवश्यकताओं की पूर्ति करती है, जिनकी दोनों के द्वारा पूर्ति नहीं की जाती। स्काउटिंग ज्ञान वृद्धि, अन्वेषण, अवलोकन तथा जिज्ञासा का विकास करती है। स्काउटिंग कक्षा-कक्ष से दूर विश्व खोजती है, अन्य लोगों को सीखने की दक्षता को खटखटाती है व, उस ज्ञान को दूसरों को बांटती है। 

युवाओं एवं युवतियों के लिए आन्दोलन:-

 स्काउटिंग गाइडिगं एक आन्दोलन है प्रगतिशील स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सभी जगह विकसित एवं अनुकूलित की जाती है। 

अन्तर्राष्ट्रीयः- 

स्काउटिंग/गाइडिंग की विश्व के 216 देशों में मान्यता प्राप्त संगठन/शाखायें 

प्रगतिशील :-

 स्काउटिंग की वृद्धि कभी नहीं रूकती है। आज 216 देशों में 3 करोड़ 80 लाख से ज्यादा स्काउट/गाइड युवा व प्रौढ़ युवक एवं युवतियाँ इसके सदस्य हैं तथा, स्काउट्स एवं गर्ल गाइड्स की संख्या लगभग 150 देशों में एक करोड़ से ज्यादा संख्या है। 

सभी के लिए समान अवसरः- 

स्काउटिंग एवं गाइडिंग सभी के लिए बिना किसी जाति/धर्म के भेदभाव के संस्थापक बेडन पावेल द्वारा निरूपित सिद्धांत, उद्देश्य के अनुरूप समान अवसर प्रदान करती है। 

स्वस्थ मनोरंजन :- 

मनोरंजन के द्वारा स्काउटिंग युवा युवतियों को शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विकास करने में सहायता करती है। 

प्रौढ़ों के लिए एक चुनौती:-

 युवाओं युवतियों के लिए सहायता, अवसर, पीढ़ियों में आपसी समझ विकसित करने का तरीका, सेवा के दौरान प्रौढ़ नेता प्रशिक्षण व अनुभव प्राप्त करते हैं, जो उनके व्यक्तिगत विकास में वृद्धि करते हैं। 

स्वैच्छिक:-

 बच्चों एवं वयस्क लोगों को स्काउटिंग से जुड़ना चाहिए।

अराजनैतिक/अशासकीय:-

 स्काउटिंग न तो किसी राजनैतिक दल अथवा संगठन का प्रतिनिधित्व करती है और न ही करनी चाहिए। तो भी स्काउटिंग गाइडिंग समुदाय को देश के लिए अपना रचनात्मक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। 

अनूठी विधि:- 

व्यक्तिगत प्रतिबद्धता प्रतिज्ञा :- सादा जीवन यापन के लिए स्काउट गाइड प्रतिज्ञा व नियम का पालन करता करती है। 

कार्य द्वारा सीखना :- 

दूसरों के साथ सक्रिय भागीदारी, छोटे बड़े समूहों में कार्य करना, टोली में नेतृत्व, समूह कौशल और व्यक्तिगत उत्तरदायित्व विकसित करना। 

प्रोत्साहित/प्रेरित करने वाले कार्यक्रमः-

 युवकों युवतियों की रुचि पर आधारित प्रगतिशील गतिविधियाँ । गतिविधियाँ प्रकृति के मध्य में हो जहाँ सादगी, सृजनात्मकता और खोज, साहसिक कार्य तथा चुनौती प्रस्तुत करते हैं। 

जीने के लिए नियम/संहिता:- 

एक आध्यात्मिक आयाम : 

भौतिकता से दूर आध्यात्मिक मूल्यों को ढूंढ़ने की प्रतिबद्धता। 

सामाजिक आयामः- 

समाज के विकास में भागीदारी, दूसरों के प्रति आदरभाव रखना। प्रकृति के प्रति निष्ठा, स्थानीय, राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय शांति, समझ और सहयोग की वृद्धि करना। 

व्यक्तिगत आयाम:-

 व्यक्तिगत उत्तरदायित्व के भाव को विकसित करना और उत्तरदायित्व पूर्ण स्वयं की अभिव्यक्ति की इच्छा को प्रेरित करना।

संक्षेप में What is Scouting,

  • यह देश- भक्त, बहादुर, फुर्तीले, सक्रिय, बुद्धिमान, अग्रगामी तथा दूरदर्शी नागरिकों का निर्माण करने वाली संस्था है। 
  •  उत्त्तम नागरिकता की पाठशाला है। 
  • खाली समय का सदुपयोग है। 
  • एक शैक्षिक आन्दोलन है। 
  • यह एक स्वैच्छिक अशासकीय संगठन है, 
  • एक खेल, किन्तु शिक्षाप्रद खेल है। 
  • प्रसन्नतादायक वातावरण है। 
  • नेतृत्व का प्रशिक्षण है। 
  • प्रकृति से तादात्म का सु- अवसर है। 
  • मनोवैज्ञानिक प्रगतिशील प्रशिक्षण है। 
  • पाठ्य- सहगामी सर्वोतम कार्यक्रम है। 
  • व्यक्ति का चारित्रिक विकास, शारिरिक विकास और बौद्धिक विकास कर, समाज- सेवा और ईश्वर के प्रति कर्तव्य- बोध कराने वाली अद्वितीय संस्था है। 
  • भाई- चारा तथा विश्व- बंधुत्व का पाठ पढ़ानेवाली संस्था है। 

स्काउट एवं गाइड का उद्देश्य नवयुवकों के विकास में इस तरह योगदान करना है जिसमें उनकी पूर्ण शारीरिक, बौद्धिक, समाजिक तथा आध्यात्मिक अन्तः शक्तियों की उपलब्धि हो। व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नागरिकों के रूप में तथा स्थानीय, राष्ट्रीय समुदायों के सदस्यों के रूप में प्राप्त किया जा सके।

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स्काउट एवं गाइड के उद्देश्य

   स्काउटिंग आह्नान कर रहा है कि आओ ! हमारे घेरे में आओ ! कैरियर के साथ अच्छा व्यक्ति बनने के लिये। हम आपको अच्छा व्यक्ति बनाना चाहते हैं। अच्छा इन्सान बनने के लिए सतत प्रयत्न करना होगा। जो इन्द्रधनुष देखना चाहते हैं उन्हें वर्षा जनित असुविधाओं से भी रूबरू होना ही पडे़गा। स्काउटिंग का छोटा सा उद्देश्य है- युवाओं को बेहतर बनाना ताकि वे अपनी ईश्वर प्रदत्त क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर सकें। 

  • स्काउटिंग व्यक्ति में छिपे गुणों को उभारना जानती है। युवाओं के व्यक्तित्व में छिपे गुणों व नजरिया को विकसित करने के बहु आयामी कार्यक्रम स्काउटिंग के पास है ताकि युवाओं में बाल्यकाल से ही कुशलता व प्रभावी गुणो का बीजारोपण किया जा सके एवं व्यक्तित्व के मूल्यांकन में अभिवृद्धि हो सके।
  • हर व्यक्ति में आगे बढ़ने और प्रतिस्पर्धा करने के सभी गुण विद्यमान हैं जरूरत है उन्हें तराश कर धारदार और सार्थक बनाने की। जो युवा पीढ़ी को इन्सान बनाने यानि मानवीय गुणधर्मिता को विकसित करने के साथ सुव्यवस्थित कैरियर विकसित करने मे मदद करने की क्षमता रखता है। अपनी अभिरूचि के अनुसार अपने अभ्यास वर्ग व विषय चुनने के साथ मार्गदर्शन व सहयोग देने को भी तत्पर है।
  • स्काउटिंग सदैव ही व्यक्ति में अच्छा नजरिया व सकारात्मक सोच विकसित करने में सक्षम है।
  • तकनीकी प्रशिक्षण तो मात्र 15 प्रतिशत ही सफलता की भागीदारी प्रदान करता है। 85 प्रतिशत सफलता तो सुलझे हुए व्यक्तित्व के कारण ही तो मिलती है। 
  • स्काउटिंग अभिभावकों को  आह्वान करता है कि अपने बच्चों को स्काउटिंग के साथ जोड़े ताकि वे अच्छा इन्सान बनने का नजरिया सीखें, अच्छी प्रवृत्तियाँ अपनाये।
  • कोई भी अनुष्ठान व कार्यक्रम जीवन की परिस्थितियों को तुरन्त परिवर्तित नहीं कर सकता किन्तु इन परिस्थितियों को सहजता व सरलता से सहन करने की प्रवृति और शक्ति प्रदान कर सकता है और ऐसा करने का माद्दा स्काउटिंग में है।
  • यह युवाओं के मन मस्तिष्क को अपनी इच्छानुसार नियंत्रित कर उसे सकारात्मक ढंग से विकसित करने की क्षमता रखता है। 

स्काउटिंग क्यों ?

  1. देश के बालक-बालिकाओं को सुनागरिक तथा देशभक्त के रूप में तैयार करने के लिए।
  2. बालक/बालिकाओं का सर्वागीण विकास करने के लिए।
  3. पीड़ितों व जरूरतमंदों के प्रति संवेदना व समाज सेवा का भाव सिखाने के लिए।
  4. उनके चरित्र व संस्कारों में सुदृढ़ता लाने के लिए।
  5. अपना काम स्वयं करने की आदत डालने के लिए।
  6. खुली हवा व प्रकृति के महत्व को समझाने के लिए।
  7. आलस्य, उदासी व निष्क्रियता दूर कर सदा मुस्कुराते रहने के प्रशिक्षण के लिए।
  8. व्यापक दृष्टिकोण पैदा करने के लिए।
  9. शिविर व हाइक द्वारा साहसी जीवन बनाने के लिए।
  10. मिलकर काम करने व आपसी समायोजन सिखाने केलिए।
  11. सब धर्मों के प्रति समभाव को जगाने के लिए।
  12. युवाओं में आंतरिक अनुशासन पैदा करने के लिए।
  13. सामाजिक कुरीतियों व अन्धविश्वासों को दूर करने के लिए
  14. राष्ट्रीय विकास के कार्यों में सक्रिय सहयोग प्रदान करने के लिए।
  15. राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की रैलियों, जम्बूरियों व शिविरों में सहभागिता द्वारा विश्व बन्धुत्व की भावना का विकास करने के लिए।
  16. आपदा प्रबन्धन सीखकर आपदा के समय प्रभावित नागरिक की सहायता करने के लिए।
  17. पी.टी., आसन,व्यायाम व हाइक द्वारा स्वास्थ्य अच्छा रखने के लिए।
  18. बड़ों के प्रति आदर व छोटों के प्रति स्नेह की भावना पैदा करने के लिए।
  19. कम खर्च में जीवन के कार्यों को करने की आदत बनाने के लिए।
  20. मानसिक शांति के लिए।

 स्काउट/गाइड के 14 आदर्श ||14 Ideals of Scout / Guide

BHARAT-SCOUTS-AND-GUIDES
Bharat Scout and Guide Flag (Design and Importance)

स्काउट/गाइड प्रशिक्षण पूर्ण कर लेने के पश्चात् की अपेक्षाएं :- 

1. अपना चारित्रिक विकास कर स्वस्थ और कार्य-कुशल बनेगें। 

2. अच्छी नागरिकता (आदर्श नागरिक) के प्राथमिक सिद्धांतों को आत्मसात् कर अनुपालन करेंगे। 

3.आत्म निर्भरता में सहायक उन अभ्यासों और कौशलों में दक्ष होंगे जो सेवावृत (दूसरों की सहायता) में सहायक होंगे।

 4. उन सामुदायिक कार्यों और चुनौतियों को शुरू करेगें। 

5. स्वयं की क्षमताओं (सम्भावनाओं) की पहचान कर उन्हें समुदाय की सेवा में उपयोग करेगें।

 6. उसकी निरीक्षण (अन्वेषण) शक्ति में प्रगति की प्रकृति के सौन्दर्य का गुण गान कर सकेगें और प्रकृति प्रदत्त उपहारों को संजोये रख सकेंगें। प्रकृति के प्रति सम्मान प्रदर्शित कर सकेंगे। 

7. दूसरों के लिये उपयोगी चीजें बना सकेंगे।

8. सार्वजानिक सम्पत्ति को अपनी मानते हुए उसका संरक्षण करेंगे। 

9. अपने को समुदाय के एक अभिन्न अंग के रूप में पहचानेंगे और देश के प्रति अपने कर्तव्य को जानेंगे।

10. स्काउट गाइड कौशलों में अपने को दक्ष करते हुए साहसिक (जोखिम भरे) कार्यों में प्रतिभाग करेंगे जिससे साहसिक कार्यों में अभिरुचि का विकास होगा।

11. हमारे राष्ट्रीय प्रतीक (धरोहर) और संस्कृति को समझेंगे और उनकी प्रगति संरक्षण के लिये दृढ़ प्रतिज्ञ रहेंगे। 

12. व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास कर प्रकृति के सरंक्षण हेतु दूसरों को शिक्षित कर सकेंगे। 

13. अपने में प्रगतिशील नेतृत्व के गुणों का विकास कर जहां भी नेतृत्व करने का अवसर मिलेगा उसका भरपूर उपयोग कर सकेंगे। 

14. अपने राष्ट्र और लोगों का अध्ययन कर राष्ट्रीय एकता में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।

स्काउट गाइड हेतु जरूरी बातें –

1. किसी भारतीय बालक/बालिका को आयु 10 वर्ष पूर्ण व 17 से कम होने पर रैक्रूट (आकांक्षी या प्रवेशार्थी) के रूप में टुप/कम्पनी में सम्मिलित किया जा सकता है। प्रवेश पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर स्काउट-गाइड के रूप में उसकी दीक्षा तीन माह बाद अर्थात जन्मतिथि के, कम से कम 10 वर्ष 3 माह के बाद होगी।

2. प्रवेश (दीक्षा) के 6 माह बाद प्रथम सोपान कर सकते हैं।

3. प्रथम सोपान के 6 माह बाद द्वितीय सोपान कर सकते हैं।द्वितीय सोपान के 6 माह बाद तृतीय सोपान कर सकते हैं।

5. तृतीय सोपान के 9 माह बाद राज्य पुरस्कार प्राप्त कर सकते हैं। तृतीय सोपान पूर्ण करने के बाद राज्य पुरस्कार प्रशिक्षण शिविर में भाग लेना आवश्यक है तथा निर्धारित दक्षता बैजों पर कार्य करके राज्य पुरस्कार के लिए पंजीकरण कराना होगा।

6. तत्पश्चात स्टेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित राज्य पुरस्कार अभिशंसा (जांच) शिविर में भाग लेना अनिवार्य है।

7. इसी प्रकार राज्य पुरस्कार उत्तीर्ण घोषित होने के बाद,मानसभा की स्वीकृति लेना, राष्ट्रपति स्काउट गाइड अवार्ड प्रशिक्षण शिविर में भाग लेना पाठ्यक्रमानुसार कार्य करना, लॉग बुक बनाना एलए. के स्वतंत्र परीक्षकों को परीक्षा देकर दक्षता बैज आदि के प्रमाण पत्र प्राप्त करना आदि कार्य पूर्ण करके राज्य पुरस्कार के 12 माह बाद राष्ट्रपति अवार्ड हेतु राष्ट्रीय मुख्यालय की वेब साइट पर उपलब्ध पंजीकरण फार्म को अंग्रेजी के कैपिटल लैटर्स में भरकर ऑनलाइन पंजीकरण कराना चाहिए। फार्म में कटिंग व ओवरराइटिंग बिल्कुल स्वीकार नहीं होगी।

8. लॉग बुक के अंत में स्काउटर/गाइडर,सहाजिला कमिश्नर व डी.ओ.सी./सी.ओ. के प्रति हस्ताक्षर अवश्य करावें।
9. राष्ट्रपति स्का./गा. अवार्ड प्राप्त करने की अधिकतम आयु 18 वर्ष है।

10.राष्ट्रीय मुख्यालय द्वारा आयोजित अभिशंसा (जांच) शिविरों में आयु को गंभीरता से देखा जाता है।

11.वे स्काउट/गाइड जिनकी आयु सीमा पूर्ण होने वाली है, उन्हें राज्य मुख्यालय से सम्पर्क कर निकट भविष्य में कहीं भी लगने वाले जांच शिविर में भाग लेने की स्वीकृति प्राप्त कर लेनी चाहिये ।

12.राष्ट्रपति अवार्ड जांच (अभिशंसा) शिविर में जाते समय अपना व्यक्तिगत जांच पत्र (टेस्ट कार्ड)व पंजीकरण संख्या भी ले जावें।

13. प्रत्येक स्तर पर गाइड की परीक्षक महिला व स्काउट के परीक्षक पुरुष ही होंगे ।

14. स्काउटर गाइडर, एक वर्ष में अपनी यूनिट की कुल संख्या ( जो 32 से अधिक न हो ) का केवल 25 % तक स्काउट/गाइड को ही राष्ट्रपति अवार्ड हेतु अनुमोदित कर सकते हैं। विशेष मामलों में मुख्य आयुक्त और राज्य मुख्य आयुक्त जिला वर्ष में अधिकतम 50% तक कर सकते हैं।

स्काउट गाइड बनने हेतु योग्यता-

  • कोई भी बालक/बालिका जो भारत के नागरिक हों और 10 वर्ष की आयु कर चुके हों, परन्तु 17 वर्ष से कम हों
  • वे बालक स्काउट तथा बालिका -गाइड बन सकते हैं, बशर्ते कि वे स्काउट गाइड प्रतिज्ञा तथा नियम के प्रति अपनी आस्था प्रकट करें।
  • विद्यालय में अध्ययनरत स्काउट गाइड 18 वर्ष की आयु तक उसी इकाई (यूनिट) में रह सकेंगे।

व्यक्तिगत विवरण स्काउट

व्यक्तिगत विवरण स्काउट

नाम स्का./गाइड……………………………………..
पिता का नाम श्री. …………………
ग्रुप (स्कूल का प्रता…………………………..
घर का पूरा पता. ………………………..
फोन ( R )…               ( स्कूल )…
जन्मतिथि……………    ब्लड ग्रुप………..
…………..                   कदम…………
भुजा…………………..  हथेली……………. ….
पहचान चिह्न…………
दीक्षा तिथि…………………………                  प्र.सो.तिथि………………………….
द्वि.सो. तिथि. .  …………………………                   तृ.सो.तिथि.. …………………………
तू.सो. प्रमाण पत्र सं. ………………..
राज्य . पुरु. पूर्ण करने की तिथि………………………….
रा.पु. प्रमाण पत्र . सं. व तिथि …………………………                                                    

ह. स्काउट/गाइड

स्काउटिंग से कैसे जुड़ें ?

स्काउट एवं गाइड ज्वाइन करने के लिए निम्न दो तरीके हैं-

  • अगर आप किसी विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, तो आपको अपने विद्यालय के ऑफिस में सीधे जाकर उनसे कहना होगा कि आप स्काउट्स एंड गाइड्स ज्वाइन करने के इच्छुक हैं तथा इसमें आपको शामिल किया जाये।
  • और अगर आप किसी विद्यालय में नही हैं, तो इसे ज्वाइन करने के लिए स्काउट्स के रेलवे डिवीज़न में जाकर उन्हें इस बारे में सूचित करना होगा। जिसके बाद वो आपको इसमें शामिल करने पर विचार- विमर्श तथा वार्ता करेंगे।
  • इसके अलावा एक सबसे अहम बात जो आपको पता होनी चाहिए कि आप स्काउट्स एंड गाइड्स क्यों ज्वाइन करने के इच्छुक हैं? तथा हर वर्ष के अंत तक वे ऐसे कौन- कौन से लक्ष्य होंगे, जिन्हें आप हर हाल में पूरा करना चाहते हैं, एकल रूप से, तथा एक समूह के तौर पर?? 

स्काउट दल / गाइड कम्पनी कैसे बनायें || How to form a scout team / guide company

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How to form a scout team
  • किसी एक दल कम्पनी में कम से कम 12 और अधिक से अधिक 32 स्काउट/गाइड हो सकते हैं।
  • जहां तीनों यूनिट-कब पैक, स्काउट दल, रोवर क्रू अथवा बुलबुल फ्लाक, गाइड कम्पनी, रेंजर टीम तीनों संचालित हों, उसे पूर्ण ग्रुप कहा जायेगा। 
  • जहां कोई दो यूनिट हों अथवा एक ही यूनिट हो उसे भी ग्रुप माना जायेगा।
  • प्रत्येक स्काउट दल गाइड कम्पनी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकृत होंगी, तथा उसका एक नाम होगा। 
  • जहां ग्रुप के एक यूनिट के रूप में स्काउट दल गाइड कम्पनी हो, उस ग्रुप के नाम से संचालित होगा/ होगी। 
  • ग्रुप का नाम उस स्थान विशेष या संस्था (विद्यालय) अथवा किसी महान विभूति के नाम पर रखा जायेगा।
  • प्रत्येक ग्रुप को स्थानीय जिला संघ से एक क्रमांक दिया जायेगा।

स्काउटिंग में दल या कम्पनी रचना (Troop Formation)

दल/कम्पनी को खड़ा करने अर्थात् रचना करने के अनेक तरीके है। हाथ के संकेतों से यह कार्य बिना आवाज़ किये किया जा सकता है। दल/कम्पनी की कुछ प्रमुख रचनायें (सजावट) निम्न प्रकार की जा सकती हैं।

एक कतार रचना (single line Formation) –

इसमें सभी टोलियाँ क्रमशः एक ही कतार में लीडर के सामने खड़ी होती है। दोनों हाथ कंधे की सीध में तानते हुए मुट्ठी नीचे की ओर संकेत पर-एक कतार बनती है। यदि एक तरफ का हाथ कुछ नीचा हो तो बड़े दाहिनें-छोटे बायें और यदि एक हाथ कंधे से कुछ ऊंचा हो तो बड़े बाँयें और छोटे दाहिने कदवार खड़े होते हैं।

निकट कतार रचना (close Columen Formation)-

दोनों हाथ लम्बवत् कुहनी से ऊपर को मुट्ठी अन्दर की ओर के संकेत पर टोलियाँ एक दूसरे से 30” अथवा एक हाथ का फासला लेकर एक टोली के पीछे दूसरी टोली खड़ी होती है। दल नायक कम्पनी लीडर सबसे आगे मध्य में, टोली नायक दायें सहायक अन्तिम छोर पर बायें और दाँये से बायीं ओर को एक हाथ का फासला लेकर स्काउट/गाइड खड़े होते हैं।

खुली कतार रचना (open Columen Formation)-

दोनों हाथ कन्धे की सीध में दोनों तरफ कोहनी से ऊपर को समकोण बनाते हुए तथा मुट्ठी अंदर की ओर के संकेत पर टोलियाँ एक दूसरे के पीछे दो कदम के फासले पर निकट कतार रचना की भांति खड़ी होती हैं। यह स्थिति विशेषकर निरीक्षण के समय अपनाई जाती है।

टोलीवार रचना (Rows Formation)

दोनों हाथ आगे की ओर समान्तार फैलाते हुए, मुट्ठी नीचे की ओर के संकेत पर-टोलियाँ क्रमशः अपनी टोली नायक के पीछे आगे से एक हाथ का फासला लेकर खड़ी होती जाती हैं। सबसे आग टोली नायक सबसे पीछे सहायक खड़ा होता है।

नालाकार रचना (Horse Shoe Formation)-

यह विधि अधिकतर दल कम्पनी द्वारा प्रार्थना, ध्वजरोहण के समय अपनाई जाती है। इसमें कमर के आगे दोनों हाथ क्रॉस करते हुए हिलाये जाते हैं, टोली नायक टोली के दाँयी तरफ और सहायक अन्त में खड़ा होता है। एक टोला और दूसरी टोली के मध्य समान दूरी होती है

तौरनुमा रचना (Arrow Formation)-

साइकिल की तिलियों की भांति खड़ी होती है। टोली नायक अर्द्धवृत में और स्काउट/गाइड उनके पीछे एक हाथ का फासला लेकर खड़े होते जाते हैं । इस रचना के लिये दोनो हाथ 30°का कोण बनाते हुए सिर पर इस प्रकार रखे हों कि अंगुलियाँ सिर पर हों।

वृत्ताकार रचना ( Circle Formation)

इस सजावट का प्रयोग अधिकतर घेरे के खेल खिलाने में होता है। इसमें लीडर केन्द्र में और स्काउट/गाइड वृत्ताकार घेरे में खड़े होते हैं। इसके संकेत के लिये दोनों हाथों को कमर के पास आगे-पीछे वृत्ताकार हिलाया जाता है।

आयताकार रचना (Hollow Square Formation)-

दोनों हाथों को चेहरे के आगे मुट्ठी बांधकर मिलाया जाता है। इस संकेत पर टोलियाँ आयताकार खड़ी होती है। लीडर चौथी भुजा पर खड़ा होता है। टोली नायक दाँये और सहायक अन्तिम छोर पर खड़ा होता है।

बी.पी. ने टोली की हाइक में जाते समय एक और फॉर्मेशन बताई है-पंतग (Kite) फॉर्मेशन।

इसमें टोली नायक नं. 1 मध्य में, 2 आगे, 3 नायक के पीछे, 4 और 5 दाँयें-बायें और 6 नं.टोली नायक के साथ मध्य में। टोली में आठ की संख्या में 1 व 8 मध्य, 2 और 6 आगे, 3 और 7 पीछे जबकि 4 व 5 दाँये व बाँयीं तरफ रहते हैं।

स्काउट में दल नायक / कम्पनी लीडर कौन बनता है ?

  • टोली नायकों में से एक जो छः माह तक टोली नायक रह चुका रह चुकी हो (यदि द्वितीय सोपान स्काउट गाइड हो तो उसे वरीयता दी जायेगी)।
  • मान सभा (कोर्ट ऑफ ऑनर से परामर्श कर स्काउटर / गाइडर द्वारा इस नायक कम्पनी लीडर नियुक्त किया जायेगा / जायेगी।
  • वह स्काउट/ गाइड यूनिफॉर्म पहनेगा / पहनेगी। तथा

दल नायक का यूनिफॉर्म

  • स्काउट दल नायक तीन सूती हरी पट्टियां जो 6 सेन्टीमीटर लम्बी 1.5 सेन्टीमीटर चौड़ी होगी, को अपनी कमीज की बायी जेब पर सिलेगा जिसका मध्य भाग सदस्यता बैज के नीचे और ये पट्टियाँ बैज के किसी तरफ हो सकती हैं, दल नायक बैज सर्विस स्टार के ऊपर होगा।
  • कम्पनी लीडर इसे अपनी बायीं स्लीव पर कफ से ऊपर 13 सेन्टीमीटर चौड़ी तीन हरे रंग की आर्मलेट जो एक दूसरे से 1 सेन्टी मीटर की दूसरी पर सिले होंगे और कम्पनी लीडर बैज दाहिनी स्लीव बेस 4 सेन्टी मीटर ऊपर सिले होंगे।
  • दल नायक/ कम्पनी लीडर/ यूनिट लीडर को सक्रिय सहयोग देगें और उनकी अनुपस्थिति में अपने दल कम्पनी को सम्भालेगे।

सहायक दल नायक / सहायक कम्पनी लीडर की नियुक्ति

  • नियुक्ति दल नायक / कम्पनी लीडर की भांति स्काउटर / गाइडर द्वारा मान सभा से परामर्श कर की जायेगी,
  • तीन हरी पड़ियाँ आर्मलेट भी दल नायक/ कम्पनी लीडर की ही भांति सिली जायेंगी,
  • बैज में अंतर यह है कि, हरी पृष्ठिभूमि के स्थान पर घेरा हरे रंग का होगा।
  • सहायक दल नायक/ सहायक कम्पनी लीडर अपने दल नायक कम्पनी लीडर को सक्रिय सहयोग देगा/ देगी।

स्काउट-गाइड शिक्षण विधि

स्काउट-गाइड शिक्षण पद्धति स्वयं शिक्षा की एक प्रगतिशील प्रणाली है जिसके द्वारा विश्वविख्यात निम्र विधियों से शिक्षा प्रदान की जाती है-

  • खेल विधि
  • टोली विधि
  • प्रतिज्ञा व नियम पालन
  • शिविर जीवन
  • स्वस्थ प्रतिस्पर्धा
  • अभिनय
  • प्रदर्शन
  • निरीक्षण
  • प्रयोग
  • वार्तालाप
  • व्याख्यान व कहानियां
  • पुस्तक अध्ययन
  • सामुदायिक सेवा
  • बैज प्रणाली
  • भ्रमण (यात्रा)
  • प्रकृति अध्ययन
  • स्वयं करके सीखना आदि।

स्काउटिंग से कैसे जुड़ें ?

स्काउट एवं गाइड ज्वाइन करने के लिए निम्न दो तरीके हैं-

  • अगर आप किसी विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, तो आपको अपने विद्यालय के ऑफिस में सीधे जाकर उनसे कहना होगा कि आप स्काउट्स एंड गाइड्स ज्वाइन करने के इच्छुक हैं तथा इसमें आपको शामिल किया जाये।
  • और अगर आप किसी विद्यालय में नही हैं, तो इसे ज्वाइन करने के लिए स्काउट्स के रेलवे डिवीज़न में जाकर उन्हें इस बारे में सूचित करना होगा। जिसके बाद वो आपको इसमें शामिल करने पर विचार- विमर्श तथा वार्ता करेंगे।
  • इसके अलावा एक सबसे अहम बात जो आपको पता होनी चाहिए कि आप स्काउट्स एंड गाइड्स क्यों ज्वाइन करने के इच्छुक हैं? तथा हर वर्ष के अंत तक वे ऐसे कौन- कौन से लक्ष्य होंगे, जिन्हें आप हर हाल में पूरा करना चाहते हैं, एकल रूप से, तथा एक समूह के तौर पर?? 

स्काउट ट्रूप-गाइड कंपनी के प्रकार


स्काउट ट्रूप-गाइड कंपनी दो प्रकार की होती है-
(क) नियंत्रित ग्रुप-
नियंत्रित ग्रप वे ग्रुप होते हैं।जो किसी संस्था /स्कूल/ कॉलेज प्रबंधन के नियंत्रण में रहकर संचालित किए जाते हैं।
(ख) स्वतन्त्र ग्रुप-
वे ग्रुप होते हैं जिनका गठन स्वतंत्र ग्रुप कमेटी बनाकर किया जाता है। इसमें मोहल्ले गांव शहर के कुछ बालक किसी प्रशिक्षित स्काउट मास्टर के नेतृत्व में स्वतंत्र स्काउट दल (ट्रप) तथा बालिकाएं किसी प्रशिक्षित गाइड कैप्टन के नेतृत्व में स्वतंत्र गाइड दल (कंपनी) गठित कर अपनी गतिविधियों का संचालन करते हैं।* आप जिस विद्यालय में पढ़ रहे हैं, यदि उसमें स्काउटिंग /गाइडिंग संचालित की जा रही है, तो आप वहां के स्काउटर/गाइडर से संपर्क करके आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर स्काउट/गाइड बन सकते हैं।

यदि आपके विद्यालय में स्काउटिंग/गाइडिंग नहीं है तो सचिव स्थानीय एसोसिएशन या जिला संगठन (सी.ओ.) से ज्ञात कर कि क्या आपके शहर में स्वतन्त्र स्काउट ट्रूप या गाइड कंपनी संचालित की जा रही है ? यदि हां में उत्तर मिलता है तो उसका पता लेकर स्काउटर/गाइडर संपर्क कर ,आप भी स्काउट/गाइड बन सकते हैं।

स्काउट एवं गाइड से जुड़ने के तरीके

  • अगर हम किसी विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं ,तो स्काउट से जुड़ने की इच्छा जताकर जुड़ जाते हैं।
  • या फिर स्काउट्स के  डिवीज़न में जाकर हमें इस बारे में सूचित करना होगा। जिसके बाद वो आपको इसमें शामिल करने पर विचार- विमर्श तथा वार्ता करेंगे।

इसके अलावा हमें कुछ बातें पता होनी चाहिए।

जैसे-

  • हम  स्काउट्स एंड गाइड्स क्यों ज्वाइन करने के इच्छुक हैं?
  • हर वर्ष के अंत तक वे ऐसे कौन- कौन से लक्ष्य होंगे, जिन्हें हम  हर हाल में पूरा करना चाहते हैं?

स्काउट्स एंड गाइड्स से जुड़ने से लाभ

  • इसमें राष्ट्रपति तथा राज्य पुरस्कार सर्टिफिकेट से सीधे तौर पर रोजगार  की प्राप्ति नही हो सकती।
  • परंतु बायोडाटा के साथ संलग्न होने से इसकी सम्भावना बढती  हैं।
  • इंटरव्यू के वक़्त स्काउट गाइड प्रशिक्षण में मिले अनुभव से लाभ होता है ।
  • हमें  अपने प्रतिद्वंदियों से हमेशा दो कदम आगे रखते हैं।
  • इसके अलावा भारतीय रेलवे में जॉब के लिए स्काउट्स/गाइड्स आरक्षण का भी प्रावधान है।

अंततः

  • हमें  इस पर मिले उपलब्धियों पर गर्व होना चाहिए।
  • ये अनुभव अप्रत्यक्ष रूप में  बहुत अहम भूमिका निभाते हैं।
  • इससे आगामी जीवन पर काफी अच्छा सकरात्मक प्रभाव पड़ता है.
  • राष्ट्रपति तथा राज्यपाल द्वारा हस्ताक्षरित सर्टिफिकेट बहुत अधिक महत्ता रखते हैं।

आशा है आपको ” स्काउटिंग / गाइडिंग क्या है ? ” के बारे में जानकारी मिल गई होगी। और यह भी आशा  करते हैं कि आपको  यह पसंद भी आई होगी।  फिर भी, यदि किसी प्रकार की त्रुटि या कमी रह गयी हो तो नीचे कमेंट कर जरूर बतायें जिससे हम उस विशेष बिंदु पर सुधार कर सके। 

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