स्काउट का आदर्श वाक्य चिह्न सैल्यूट तथा बाँया हाथ मिलाना

स्काउट का आदर्श वाक्य , चिह्न, सैल्यूट तथा बाँया हाथ मिलाना

स्काउट/गाइड आदर्श वाक्य (Motto)

कब बुलबुल एक अच्छा नागरिक बनने की कोशिश करते हैं। स्काउट/गाइड अपना शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक और आध्यात्मिक विकास हेतु स्काउट शिक्षा के पाँच मूलाधारों चरित्र-गठन, स्वास्थ्य और बल, कौशलों के विकास, समाज-सेवा तथा ईश्वर के प्रति कर्त्तव्य-पालन के सतत् अभ्यास से जीवन की चुनौतियों के लिये अपने को तैयार करते हैं। जबकि रोवर रेंजर के रूप में वे ‘सेवा-व्रत’ लेते हैं। इस प्रकार स्काउट/गाइड का आदर्श वाक्य है- ‘तैयार’ (Be Prepared).

बी. पी. के अनुसार तैयार’ का तात्पर्य है – अपने कर्त्तव्य को पूरा करने के लिये मन और शरीर से तैयार रहना, मन से तैयार का भाव है, अपने को किसी भी आदेश का पालन करने के लिये अनुशासित करना और किसी घटना के घटित होने से पूर्व ही उसके बारे में अनुमान लगा लेना ताकि उचित समय पर आवश्यक कार्य किया जा सके। शरीर से तैयार होने का तात्पर्य है-अपने शरीर को स्वस्थ, चुस्त व बलिष्ठ बनाना ताकि समय पड़ने पर आवश्यक कार्य सम्पन्न करने की क्षमता हो।

स्काउट-गाइड चिह्न

स्काउट/गाइड चिह्न बनाने के लिए दाहिने हाथको फुर्ती के साथ कन्धे की ऊंचाई तक इस प्रकार उठातें हैं कि हथेली सामने की ओर रहे, बीच कीतीनों अंगुलियाँ पूरी खुली हुई आपस में मिलीहुई व ऊपर की ओर रहें तथा अंगूठा छोटी अँगुलीके नाखून पर टिका हुआ हो। तीन अंगुलियां स्काउट-गाइड की प्रतिज्ञा के तीन भागों की याद दिलातीं हैं। उपर्युक्त चिह्न स्काउट-गाइड प्रतिज्ञा लेते या दोहराते समय तथा स्काउट-गाइड के रूप में पहचान करते समय बनाया जाता है। दीक्षा के समय भी यही चिह्न प्रयोग मेंलाया जाता है।

सैल्यूट-

सैल्यूट करने के लिए दाहिनी को स्काउट-गाइड चिह्न की भुजा स्थिति में फुर्ती के साथ बाहर की ओरसे कंधे की ऊँचाई तक इस प्रकार उठाते हैं कि पहली अंगुली दाहिनी आँख के ऊपर की ओर दांयी तरफमाथे को छूती रहे। सैल्यूट करने के पश्चात भुजा को फुर्ती के साथ सामने से वापिस नीचे की ओर ले जाते हैं ।जब स्काउट हाथ में लाठी लिये होते हैं तब सैल्यूट दाहिने के बजाय बांए हाथ से किया जाता है, सावधानकी स्थिति में खड़े होकर लाठी को दांयें हाथ से पकड़ा जाता है और बैल्ट की सीध में लाठी को छूते हुए बांयेंहाथ की तीन अंगुलियों से हथेली जमीन की ओर करके, सैल्यूट किया जाता है।

सैल्यूट कब करते हैं ?


निम्नलिखित अवसरों पर सैल्यूट किया जाता है-

1. जब एक स्काउट/गाइड दूसरे स्काउट / गाइड से या किसी अधिकारी से दिन में पहली बार मिलता है।

2. राष्ट्रीय ध्वज, स्काउट-गाइड ध्वज व राष्ट्रों के ध्वज फहराते समय सब सैल्यूट करते हैं।

3. जब दल या टोली में कोई अधिकारी निरीक्षण करने आते हैं तब लीडर अपने दल को सावधान का आदेश देकर,अधिकारी के लगभग 3 कदम दूरी तक आ जाने पर स्वयं एक कदम आगे बढ़कर सैल्यूट करता है।

4. मार्च पास्ट में जब कोई दल अपने झण्डे को लेकर चलता है तब केवल नायक सैल्यूट करता है। शेष स्काउट/गाइड मुख्य झण्डे की ओर दाहिनी / बांयी दृष्टि करते हैं।

5. किसी शव को देखकर सैल्यूट किया जाता है ।

6. जब दोनों हाथ भरे हुए हों, तो स्थिति के अनुसार आँखों को दांयी या बांयी ओर थोड़ा सा झुका कर सैल्यूट किया जाता है।

नोट:- धार्मिक कार्यों में सावधान की स्थिति में खड़े रहेंगे सैल्यूट नहीं करेंगे।

स्काउट में बांया हाथ कब और क्यों मिलाते हैं (When and why do you shake your left hand in Scout?)

स्काउट-गाइड परिवार के लोग आपस में मिलते समय सैल्यूट के साथ- साथ बांया हाथ मिलाते हैं । इसके निम्र कारण हैं। 

1. स्काउट-गाइड आंदोलन में बांया हाथ मिलाने की प्रथा का प्रुचलन एक रोचक घटना से जुड़ा हुआ है। दक्षिणी अफ्रीका में अशन्ति (Ashanti) नामक एक बहादुर हुब्शी जाति निवास करती है। एक बार वेड़न पावल अपनी सैनिक सेवा की अवधि में कार्यवश वहां गुये, उस समय वहां उनकीभेंट अशन्ति जाति के सरदार प्रम्पेह से हुई। भेंट के समय परम्परानुसार बेड्न पावल ने अपना दाहिना हाथ बढ़ाया। यह देखकर सरदार ने कहा, नहीं-नहीं दाहिना हाथ नहीं, बांया हाथ  बढ़ाइए , हमारी जाति के बहादुर लोग बहादुरों से मिलतेसमय बांया हाथ ही मिलाते हैं। उक्त घटना से प्रभावित होकर बेडन पावेल  ने स्काउट-गाइड आंदोलन में बांया हाथ मिलाने की प्रथा प्रचलित की।

2. लेडी बी.पी. के अनुसार बाँया हाथ मिलाना, गर्मजोशीव सच्ची मित्रता का प्रतीक हैं।

3. कुछ लोगों के बाँया हाथ हृदय के निकट होने के कारण हदय से अभिवादन को प्रदर्शित करता है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि बाया हाथ मिलाना भाईचारा, विश्वास व प्रगाढ़ मित्रता का प्रतीक है।

ध्यान रखें, समारोहों में उच्चाधिकारियों (जो स्काउटिंग से जुड़े हुए नहीं हैं) से मिलते समुय यदि वे दाहिना हाथ बढाते हैं तो स्काउट/गाइड गणवेश में होते हुए भी हमारे द्वारा दाहिना हाथ ही मिलाना उचित होगा।

स्काउट-गाइड बैज-

विश्व के सभी स्काउट व गाइड तीन पंखुड़ियों के चिह्न- त्रिदल (फ्लेअर-डे-लिस) में कुछ परिवर्तन करके अपना बेज बना लेते हैं। 

भारत का स्काउट-गाइड बैज, हरी पृष्टभूमि पर पीले संग के त्रिदल से बना होता है। इसकी तीन पंखुड़ियाँ स्काउट-गाइड की प्रतिज्ञा के तीन भागों की याद दिलाती हैं। इसके बीच में पीले संग की तीन पत्तियां विश्व गर्ल गाइड का चिह्न है। मध्य में पीला चक्रहै (जो सारनाथ के अशोक स्तम्भ से लिया गया है)।

 यह भारत देश की प्रगति का द्योतक है। चक्र के चौबीस अरे हमें चौबीस घंटे चौकन्रा रहने व आगे बढ़ते रहने को प्रेरित करते हैं।

 बैज का अनुपात 1: 1/2 होता है।

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