स्काउट गाइड गणवेश की जानकारी व सही पहनना

किसी भी संगठन की पहचान उसके सदस्यों के पहनावे से की जा सकती है। स्काउट गाइड की पहचान भी गणवेश की जाती है.

स्काउट/गाइड संस्था भी एक निश्चित वेशधारी संगठन है। यही पहनावा उसकी पहचान है। चुस्त, फुर्तीले तथा सही वेशधारी व्यक्ति की ओर सभी का ध्यान आकर्षित होता है। अतः स्काउट/गाइड को सही यूनिफॉर्म पहननी चाहिए।

जब कभी हम नये और आकर्षक परिधान में होते हैं तो हमें आत्म-सम्मान की अनुभूति होती है। किन्तु गन्दे, फटे, सिकुड़े वस्त्र पहनने पर आत्म-ग्लानि का आभास होता हैं।

स्काउट गणवेश की जानकारी व सही पहनना

स्काउट गणवेश के विभिन्न भागों के नाम- जाने तथा उन्हें सही ढंग से पहनना जाने।(यूनिफार्म)

स्काउट गणवेश

स्काउट गणवेश की जानकारी

अनिवार्य गणवेश:-

1. कमीज (शर्ट )- 

स्टील ग्रे रंग, दो ढक्कनदार जेबें ( जेबों केबीच में बैज जितनी चौड़ी खड़ी पट्टी) दोनों कन्धों पर शोल्डर स्ट्रैप्स लगे हों,आधी बाजू या लपेटी हुई पूरी बाजू।

2. हाफ पैंट या पैंट (शॉर्ट या ट्राउजर):

 नेवी ब्ल्यू रंग की हाफ पैन्ट या पैन्ट होगी। लेकिन राष्ट्रपति अवार्ड जाँच शिविर या राष्ट्रपति अवार्ड रैली में पैन्ट अनिवार्य है जो न अधिक ढीली हो और न अधिक तंग हो। दो साइड जेबें व एक पीछे जेब हो।


3. सिर की गणवेश-

 गहरे नीले रंग की बैरट कैप जिस परअधिकृत कैप बैज लगा हो, सिक्ख नीले रंग की पगड़ी जिस पर (आगे बीच में ऊपरी सिरे पर) कैप बैज लगा हो पहनेंगे। समारोहों के अवसर पर सिर की गणवेश पहनना अनिवार्य है।


4. बैल्ट- 

स्लेटी (ग्र)सा की नायलैक्स बैल्ट जिस पर भारत स्काउट्स वगाइड्स का अघिकृत (पीतल का) बक्कल लगा हो।


5. स्कार्फ-

 हरा,बैंगनी और पीला छोड़कर ग्रुप के रंग का त्रिभुजाकार स्कार्फ जिसकी दो समान भुजाएं 70 से 80 से.मी. तक हो । प्रत्येक दल के स्कार्फ का रंग लोकल या जिला एसो.द्वारा स्वीकृत होता है।इसे गर्दन के चारों ओर कमीज के कॉलर व शोल्डर स्ट्रैप्स के ऊपर ग्रुप वोगल (गिलवैल वोगल से भिन्न) के साथ पहना जाता है।


6. शोल्डर बैज- 

सफेद कपड़े का 6 से 8 से.मी. लम्बा तथा 1.5 से.मी. चौड़ा शोल्डर बैज जिस पर लाल रंग से ग्रुप का क्रमांक व नाम लिखा होगा, दोनों कन्धों की सिलाई के ठीक नीचे की ओर हल्का घुमाव के साथ सिलाई करके लगाया जाएगा।

टिप्पणी:- ग्रुप के सदस्य जिनमें सामुद्रिक स्काउट या वायु स्काउट सम्मिलित है, अपने शोल्डर बैज पर ‘सामुद्रिक स्काउट या वायु स्काउट नहीं जोड़ेंगे। इसके स्थान पर एक सफेद पट्टी (स्लिप) जिस पर लाल रंग में सामुद्रिक स्काउट अथवा ‘वायु स्काउट’ लिखा होगा और जो राष्ट्रीय संस्था द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी, अपने दोनों कन्धों के ‘शोल्डर स्ट्रैप्स’ पर लगाएंगे।


7. शोल्डर स्ट्रिप्स- 

स्टील ग्रे रंग के वर्गाकार पैबन्द (पैच) पर, स्काउटिंग फॉर बॉयज में बताए गए टोली के नाम तथा रंग को प्रदर्शित करने वाली दो शोल्डर स्ट्रिप्स (पट्टियाँ) लगाई जायेंगी। ये पटियां प्रत्येक 5 से.मी. लम्बी तथा 1.5 से.मी. चौड़ी होगी और एक दूसरे से 2 से.मी. के अन्तर पर समानान्तर होगी। इस पैच को शोल्ड बैज के तुरंत नीचे बाएं आस्तीन के शीर्ष पर पहना जाएगा।

टिप्पणी:- यदि एम्बूलेन्स मैन बैज है तो ‘शोल्डर स्ट्रिप्स’ को एम्बूलेन्स मैन बैज के नीचे की ओर लगाया जाएगा।

8. सदस्यता बैज ( मैम्बरशिप बैज)-

 यह बैज हरी पृष्ठभूमि पर पीले रंग के त्रिदल (फ्लेअर-डे-लिस) से बना होताहै। इसे कमीज की बांई जेब की खड़ी पट्टी पर, जेब के ढक्कन पर लगे बटन तथा जेब के नीचे वाली सिलाई के बीचों बीच लगाया जाता है। (यह बैज दीक्षा के बाद लगाया जाता है।

9. मौजे या जुराबें (स्टॉकिंग)-

 मौजे या जुराबें काले रंगकी होंगी। जुराबें (स्टॉकिंग) घुटनों के नीचे मुड़ी हुई होंगी। इन्हें हरे रंग के गाटेर टैब्स जो कि 1.5 से.मी. बाहर दिखते होंगे से बांधा जायेगा। केवल जुराबें (स्टॉकिंग) को नेकर के साथ पहना जाएगा।

10. विश्व स्काउट बैज- 

इस बैज में बैंगनी पृष्ठ भूमि पर सफेद रंग का विश्व स्काउट बैज बना होता है। इसे सदस्यता बैंज की ही तरह कमीज की दांई जेब की खड़ी पट्टी पर मध्य में लगाया जाता है।

11. जूते- 

काले रंग के चमड़े या कैनवास के फीतेदार प्लेन होंगे

12. ओवर कोट, ब्लैजर या जैकेट:

नेवी ब्लू ओवर कोट या ब्लैजर या विन्ड चीटर केवल सर्दी के मौसम में पहन सकते हैं।

13. मैटल बैज:

 भारत स्काउट्स और गाइड्स का मैटल बैज साधारण पोषाक (मुफ्ती) पर लगाया जा सकता है।

14. लेनयार्ड ( सीटी व डोरी)- 

सलेटी रंग की डोरी ( ग्रेलेन यार्ड) को गर्दन के चारों ओर पहना जाता है जिस पर लगी सीटी कमीज की बांई जेब में रखी जाती है।

15. रस्सी – 

स्टैन्डर्ड नाप की 3 मीटर लम्बी रस्सी ( जो गांठें सीखने व पायनियरिंग में काम आती है) को बैल्ट में लटकाते हैं। इसे नॉटिंग रोप कहते हैं।

16. हैवर सैक या रक सैक: 

इसे बाहरी एक्टिविटी में साथ ले जा सकते हैं।

17. नेम स्ट्रिप-

 राष्ट्रीय मुख्यालय द्वारा प्रदत्त THE BHARATSCOUTS & GUIDES’ के नाम की 11x 2 से.मी. की पट्टी जिसके दांईओर 3×2 से.मी. का तिरंगा राष्ट्रीय ध्वज बना हो, को शर्ट की दांई जेबके ठीक ऊपर सिलाई के पास लगाया जाएगा।

सामुद्रिक स्काउट का गणवेश :-

सामुद्रिक स्काउट एक स्काउट के समान ही गणवेश पहनेगा। यह अपनी दायीं जेब के ऊपर की ओर 4 से.मी. दूरी पर ‘सामुद्रिक स्काउट बैज’ भी लगाएगा।

वायु स्काउट का गणवेश :-

वायु स्काउट एक स्काउट के समान ही गणवेश पहनेगा। यह अपनी दायीं जेब से 4 से.मी. ऊपर की ओर ‘हवाई स्काउट बैज’ भी लगाएगा।

सामयिक गणवेश :-

काम करते समय या मैदान में विभिन्न गतिविधियों के अवसर पर वैकल्पिक रूप से गहरे नीले रंग की जीन्स या पैन्ट अथवा हॉफ पैन्ट तथा सादी आसमानी नीले रंग की कॉलर वाली ‘टी शर्ट’ जिस पर ‘स्काउट-मोनोग्राम’ अंकित जेब लगी हो, तथा गहरे नीले रंग की पी कैप’ जिसके सामने की ओर मध्य में ‘स्काउट गाइड का चिह्न’ बना होगा एवं काले ‘स्पोर्ट शूज’ पहन सकेंगे। सही वर्दी की जानकारी के लिये एपीआरओ भाग-1 में देखें ।

गाइड गणवेश के जानकारी व सही पहनना

गाइड गणवेश के विभिन्न हिस्सों के नाम जाने तथा उन्हें सही ढंग से पहनना जाने।

गाइड गणवेश (यूनिफार्म)

गाइड गणवेश

अनिवार्य गणवेश :-

फ्रॉक (ओव्हरऑल )-

गहरे आसमानी रंग की अपारदर्शी कपड़े की फ्रॉक जिस पर दो पैच जेब ऊपर और दो साइड जेब हो और आस्तीन की लम्बाई 8 से. मी. हो जिसमें कफ 4 से. मी. ऊपर की ओर उलटकर सिले होंगे। स्पोर्ट कॉलर और दोनों कंधों पर शोल्डर स्ट्रेप्स हो । फ्रॉक ज्यादा तंग नहीं होगी चाहिए।

अथवा

सलवार, कमीज और दुपट्टा-

गहरे आसमानी रंग की सलवार, हल्के नीले रंग की कमीज जो अपारदर्शी कपड़े की होनी चाहिए। कमीज की लम्बाई घुटनों तक होनी चाहिए। कमीज पर दो साइड जेब तथा दो पैच जेब होनी चाहिए और आस्तीन की लम्बाई 8 से. मी. होनी चाहिए। जिसमें कफ 4 से. मी. ऊपर की ओर उलटकर सिले होंगे। खुली स्पोर्ट कॉलर होनी चाहिए तथा दोनों कन्धों पर शोल्डर स्ट्रेप्स लगे होंगे। कमीज तंग सिला हुआ नहीं होना चाहिए। दुपट्टा अपारदर्शी एवं गहरा आसमानी रंग का होना चाहिए।

अथवा

मिडी, स्कर्ट और ब्लाउज-गहरे आसमानी नीले रंग की अपारदर्शी मिडी कपड़े की बनी होगी जिसके साइड में दो जेब और पीछे एक स्लिट (Slit) होगी। स्कर्ट की लम्बाई घुटने एवं एड़ी के बीच तक होनी चाहिए। ब्लाउज़ सफेद सादे तथा अपारदर्शी कपड़े का होगा। ब्लाउज़ में दो पैच पॉकेट होंगे। आस्तीन आधी होगी जो कोहनी से 8 से. मी. ऊपर होगी। कफ 4 से. मी. ऊपर की ओर उलट कर नीचे की ओर सिले होंगे। ब्लाउज़ में खुली स्पोर्ट कॉलर होगी तथा दोनों कंधों पर शोल्डर स्ट्रेप्स लगे होंगे। ब्लाउज तंग सिला हुआ नहीं होगा। ब्लाउज़ कमर से 8 से. मी. लम्बा होगा।

2.बैल्ट (पेटी)

राष्ट्रीय संस्था द्वारा उपलब्ध कराई गई ब्राउन नाईलैक्स की बैल्ट जिस पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का अधिकृत ब्रॉस का बक्कल लगा होगा, पहनी जाएगी।

3.स्कार्फ-

हरे, बैंगनी और पीले रंगों को छोड़कर स्थानीय या जिला संघ द्वारा मान्य ग्रुप के रंग का स्कार्फ ग्रुप की वॉगल के साथ पहना जाएगा जिसे गर्दन के चारों ओर कॉलर एवं शोल्डर स्ट्रेप्स के ऊपर पहना जायेगा। स्कार्फ एक आधार तथा दो भुजाओं वाला तिकोने आकार का होगा। जिसके आधार एवं दो भुजाओं की लम्बाई कम से कम 70 से. मी. और अधिकतम 80 से. मी. होगी।

4. मोजे या जुराब- सफेद रंग।

5. जूते- चमड़े के बंद और काले रंग के जूते स्ट्रिप व बक्कल वाले होंगे।

6. बालों का रिबिन-काले रंग के प्लेन रिबिन या प्लेन हेयर बैंड बिना किसी डिजाइन का लगाया जा सकता है।

7.सदस्यता बैज- हरे रंग की पृष्ठभूमि पर कपड़े का बैज जिस पर पीले रंग से फ्लूर-डी-लिस सहित अन्दर की ओर पीले रंग का गाइड का त्रिदल फूल तथा बीच में पीले रंग से ही अशोक चक्र बना होगा जो कमीज की आस्तीन के बीचों-बीच लगाया जाएगा।

8. शोल्डर बैज- कंधे का बैज 6 से. मी. से 8 से. मी. लंबा x 1.5 से. मी. चौड़ा, हल्का वक्राकार होगा। जो कि सफेद पृष्ठभूमि और लाल किनारी (बार्डर) का D होगा, जिसमें लाल अक्षरों से ग्रुप का नाम व क्रम संख्या अंकित होगी, दोनों कंधों पर सीवन के नीचे लगाया जायेगा।

9. विश्व गाइड बैज-कपड़े का विश्व गाइड बैज दाहिनी आस्तीन के मध्य में पहना जा सकता है।

10. पेट्रोल चिन्ह- हर गाइड को पेट्रोल चिन्ह जरूरी है। यह काले रंग की पृष्ठभूमि से 4 से. मी. घेरे का होता है तथा इसमें हरे रंग की बार्डर बनी होती है इसे सैश पर सबसे ऊपर मध्य में लगाना चाहिए।

11. कार्डीगिन तथा ब्लेज़र- जब भी पहनना हो काले रंग का सादा बिना कोई डिजाईन का उपयोग में लाये । बिना बाहों का कार्डिगन मौसम के अनुरूप पहना जा सकता है।

12. सैश- गहरे आसमानी रंग का 10 से. मी. चौड़ाई का सैश कंधे से इस प्रकार पहना जाये कि निचला भाग कमर के नीचे, निचले हिस्से से नीचे की तरफ दाहिनी ओर आये। इसे दक्षता पदक के साथ पहनते है, जो प्रत्येक गाइड ने प्राप्त किये हैं, पहले से अंत तक द्वितीय सोपान से राष्ट्रपति पुरस्कार तक के सभी दक्षता पदक दो समानांतर पक्तियों में बढ़ते क्रम में लगाए जाएं। टोली चिह्न सैश के ऊपरी भाग में बीच में पहनें।

‘ऐच्छिक

अ. शिविर गणवेश-

गहरे आसमानी रंग की सलवार, कमीज और दुपट्टा जिसकी सिलाई ऊपर दिये गये गणवेश के अनुसार होगी।

ब. पी. कैप को बाहृय भ्रमण (आउटिंग) के समय ही पहना जा सकता है।

स.काला पाऊच रखा जा सकता है परतु इस समारोह के समय नहीं रख सकते

द. धातु का बैज जब गणवेश नहीं पहना हो, तब यह बैज लगाया जा सकता

इ. डोरी और सीटी- सफेद डोरी व सीटी गले के पास से लगाई जाती है।

फ. आभूषण धार्मिक आभूषण के सिवाय कोई भी आभषण नहीं पहने जा सकते हैं।

11. सामुद्रिक गाइड का गणवेश

सामुद्रिक गाइड का गणवेश ऊपर लिखित गणवेश जैसा ही होगा। उसे सामुद्रिक गाइड बैज दाहिनी जेब के ऊपर लगाना चाहिए।

12. वायु गाइड का गणवेश-

वायु गाइड का गणवेश ऊपर लिखित गाइड गणवेश जैसा ही होगा। उसे वायु गाइड बैज दाहिनी जेब पर लगाना चाहिए। सही वर्दी की जानकारी के लिये एपीआरओ देंखें।

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